लंबे समय की दूरी के बाद बांग्लादेश और पाकिस्तान एक बार फिर अपने कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने में जुटे हैं। हालांकि, एक नई रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिनमें सबसे प्रमुख व्यापार का असंतुलन (व्यापार घाटा) और पुराने अनसुलझे विवाद हैं।
बढ़ता संपर्क, लेकिन आर्थिक हकीकत अलग
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच बातचीत
और संपर्क काफी बढ़ा है। पाकिस्तान की एयरलाइन ने अपनी उड़ानें बढ़ाई हैं और कराची
से चटगांव के बीच जहाजों की आवाजाही भी नियमित रूप से शुरू हो गई है। इसके अलावा
छात्रों के लिए स्कॉलरशिप प्रोग्राम और दोनों देशों के सरकारी व निजी
प्रतिनिधिमंडलों के दौरे भी बढ़े हैं।
इसके बावजूद दोनों देशों के
व्यापारिक आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। इस समय व्यापार पूरी तरह से
पाकिस्तान के पक्ष में झुका हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 6.72 करोड़ डॉलर का सामान निर्यात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच व्यापार
का अनुपात 11:1 का हो चुका है, जो पूरी तरह पाकिस्तान के फायदे में है।
क्यों पिछड़ रहा है बांग्लादेश?
पाकिस्तान मुख्य रूप से बांग्लादेश को कपास
(कॉटन) और कपड़े बनाने का कच्चा माल बेचता है। पाकिस्तानी रुपये की कीमत गिरने की
वजह से उसका सामान काफी सस्ता और प्रतिस्पर्धी हो गया है। दूसरी ओर, बांग्लादेश जूट (पटसन) का बहुत बड़ा उत्पादक है,
लेकिन उसे पाकिस्तान के बाजारों में जगह नहीं मिल
पा रही है। पाकिस्तान ने जूट से बने तैयार उत्पादों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगा रखा
है, जिसके कारण बांग्लादेश की जूट से
होने वाली कमाई में भारी गिरावट आई है।
जहां एक तरफ पाकिस्तान बांग्लादेश को
अपना निर्यात और बढ़ाने की बात कर रहा है, वहीं
बांग्लादेशी सामान को अपने देश में बढ़ावा देने के लिए उसकी तरफ से कोई खास प्रयास
नहीं दिख रहे हैं।
आगे की राह और चुनौतियां
रिपोर्ट के मुताबिक, केवल सामान्य व्यापार के भरोसे रहने के बजाय दोनों देशों के लिए
तकनीकी और संस्थागत सहयोग ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। उदाहरण के लिए,
दोनों देशों के बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को
आपस में जोड़कर लंबी अवधि का फायदा उठाया जा सकता है।
हालांकि, बांग्लादेश की सरकार के लिए यह राह इतनी आसान नहीं है। ढाका को कोई भी
कदम उठाने से पहले अपने पुराने ऐतिहासिक मतभेदों और देश की अंदरूनी राजनीति व जनता
की भावनाओं का खास ख्याल रखना होगा।








